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Aarti · Surya Dev

Jai Jai Jai Ravidev

आरती श्री सूर्यदेव जी की

9 lines · 51 Chalisa Sangraha evam Aartiyan (Randhir Prakashan, Haridwar), book p78

Surya Dev

Surya Dev

The sun; arghya at dawn

जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव।

रजनीपति मदहारी शतदल जीवन दाता॥

षटपद मन मुदकारी हे दिनमणि ताता।

जग के हे रविदेव, जय जय जय रविदेव॥

नभमंडल के वासी ज्योति प्रकाशक देवा।

निज जनहित सुखसारी तेरी हम सब सेवा॥

करते हैं रविदेव, जय जय जय रविदेव।

कनक बदनमन मोहित रूचिर प्रभा प्यारी॥

हे सुरवर रविदेव, जय जय जय रविदेव॥

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