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श्लोक · कार्तिकेय जी

कर्कोटक श्लोक

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कार्तिकेय जी

कार्तिकेय जी

कार्तिकेय; दक्षिण में मंगलवार

कर्कोटकस्य नागस्य दमयन्त्या नलस्य च ।

karkoṭakasya nāgasya damayantyā nalasya ca .

कर्कोटक नाग का, दमयंती और नल का,

ऋतुपर्णस्य राजर्षेः कीर्तनं कलिनाशनम् ॥

r̥tuparṇasya rājarṣeḥ kīrtanaṁ kalināśanam .

और राजर्षि ऋतुपर्ण का — इनका कीर्तन कलियुग के दोषों का नाश करता है।