कार्तिकेय जी
  1. पाठ
  2. कार्तिकेय जी

पाठ और दिन

कार्तिकेय जी

कार्तिकेय; दक्षिण में मंगलवार

कार्तिकेय जी के पाठ

स्कंद षष्ठी की पूजा

पूजा

स्कंद षष्ठी की पूजा

31 पंक्तियाँ

मंत्र

ॐ शरवणभव॥

ॐ शरवणभव
कंद षष्ठी कवचम् · देवराय स्वामिगळ

स्तोत्र

कंद षष्ठी कवचम् · देवराय स्वामिगळ

244 पंक्तियाँ

कंदर कलिवेण्बा · कुमरगुरुपरर

स्तोत्र

कंदर कलिवेण्बा · कुमरगुरुपरर

244 पंक्तियाँ

छह दिन और सूरसंहारम्

कथा

छह दिन और सूरसंहारम्

9 अनुच्छेद

नागुल चविति की पूजा

पूजा

नागुल चविति की पूजा

15 पंक्तियाँ

नवनाग स्तोत्र

स्तोत्र

नवनाग स्तोत्र

5 पंक्तियाँ

श्लोक

कर्कोटकस्य नागस्य दमयन्त्या नलस्य च ।

कर्कोटक श्लोक
षष्ठी व्रतम् की पूजा

पूजा

षष्ठी व्रतम् की पूजा

31 पंक्तियाँ

षण्मुख कवचम् · पाम्बन स्वामिगळ

स्तोत्र

षण्मुख कवचम् · पाम्बन स्वामिगळ

30 पंक्तियाँ

समुद्र में आम का वृक्ष

कथा

समुद्र में आम का वृक्ष

10 अनुच्छेद

कार्तिक पूजा की पूजा

पूजा

कार्तिक पूजा की पूजा

39 पंक्तियाँ

श्लोक

ॐ कार्त्तिकेयं महाभागं मयूरोपरिसंस्थितम्। तप्तकाञ्चनवर्णाभं शक्तिहस्तं वरप्रदम्॥

कार्तिक ठाकुर का ध्यान

मंत्र

ॐ कां कार्त्तिकेयाय नमः॥

ॐ कां कार्त्तिकेयाय नमः

मंत्र

ॐ कार्त्तिकेय महाभाग दैत्यदर्पनिषूदन। प्रणतोऽहं महाबाहो नमस्ते शिखिवाहन॥

कार्तिक ठाकुर को प्रणाम
कार्तिकेय व्रत: सुभग और दक्षिणा

कथा

कार्तिकेय व्रत: सुभग और दक्षिणा

8 अनुच्छेद

कृत्तिका की पूजा

पूजा

कृत्तिका की पूजा

33 पंक्तियाँ

सरकंडों में अग्नि

कथा

सरकंडों में अग्नि

11 अनुच्छेद

कार्तिकेय जी के दिन

थाई पूसममुरुगन जी का दिन, तै के पुष्य पर।स्कंद षष्ठीभगवान मुरुगन के लिए छह दिन का व्रत और कंद षष्ठी कवचम्, छठी संध्या सूरसंहारम् पर पूरे।नागुल चवितिदीपावली के चार दिन बाद नाग पूजा: घर में नाग देवता की पूजा, बांबी में थोड़ा दूध, चलिमिडि और चिम्मिलि का भोग, औरषष्ठी व्रतम्हर महीने भगवान मुरुगन की षष्ठी, शुक्ल पक्ष का छठा दिन: दिन भर व्रत, कंद षष्ठी कवचम्, और संध्या की पूजा।कार्तिक पूजाकार्तिक की अंतिम संध्या कार्तिक ठाकुर: संतान की कामना से पति-पत्नी की पूजा, साँझ से भोर तक।कृत्तिकाहर महीने भगवान मुरुगन का दिन, जिस संध्या चंद्रमा कृत्तिका में हो: दिन भर व्रत, उनके चित्र पर लाल फूल और घी का