
कार्तिकेय जी के पाठ

पूजा
स्कंद षष्ठी की पूजा
31 पंक्तियाँ
मंत्र
ॐ शरवणभव॥
ॐ शरवणभव
स्तोत्र
कंद षष्ठी कवचम् · देवराय स्वामिगळ
244 पंक्तियाँ

स्तोत्र
कंदर कलिवेण्बा · कुमरगुरुपरर
244 पंक्तियाँ

कथा
छह दिन और सूरसंहारम्
9 अनुच्छेद

पूजा
नागुल चविति की पूजा
15 पंक्तियाँ

स्तोत्र
नवनाग स्तोत्र
5 पंक्तियाँ
श्लोक
कर्कोटकस्य नागस्य दमयन्त्या नलस्य च ।
कर्कोटक श्लोक
पूजा
षष्ठी व्रतम् की पूजा
31 पंक्तियाँ

स्तोत्र
षण्मुख कवचम् · पाम्बन स्वामिगळ
30 पंक्तियाँ

कथा
समुद्र में आम का वृक्ष
10 अनुच्छेद

पूजा
कार्तिक पूजा की पूजा
39 पंक्तियाँ
श्लोक
ॐ कार्त्तिकेयं महाभागं मयूरोपरिसंस्थितम्। तप्तकाञ्चनवर्णाभं शक्तिहस्तं वरप्रदम्॥
कार्तिक ठाकुर का ध्यानमंत्र
ॐ कां कार्त्तिकेयाय नमः॥
ॐ कां कार्त्तिकेयाय नमःमंत्र
ॐ कार्त्तिकेय महाभाग दैत्यदर्पनिषूदन। प्रणतोऽहं महाबाहो नमस्ते शिखिवाहन॥
कार्तिक ठाकुर को प्रणाम
कथा
कार्तिकेय व्रत: सुभग और दक्षिणा
8 अनुच्छेद

पूजा
कृत्तिका की पूजा
33 पंक्तियाँ

कथा
सरकंडों में अग्नि
11 अनुच्छेद
कार्तिकेय जी के दिन
थाई पूसममुरुगन जी का दिन, तै के पुष्य पर।स्कंद षष्ठीभगवान मुरुगन के लिए छह दिन का व्रत और कंद षष्ठी कवचम्, छठी संध्या सूरसंहारम् पर पूरे।नागुल चवितिदीपावली के चार दिन बाद नाग पूजा: घर में नाग देवता की पूजा, बांबी में थोड़ा दूध, चलिमिडि और चिम्मिलि का भोग, औरषष्ठी व्रतम्हर महीने भगवान मुरुगन की षष्ठी, शुक्ल पक्ष का छठा दिन: दिन भर व्रत, कंद षष्ठी कवचम्, और संध्या की पूजा।कार्तिक पूजाकार्तिक की अंतिम संध्या कार्तिक ठाकुर: संतान की कामना से पति-पत्नी की पूजा, साँझ से भोर तक।कृत्तिकाहर महीने भगवान मुरुगन का दिन, जिस संध्या चंद्रमा कृत्तिका में हो: दिन भर व्रत, उनके चित्र पर लाल फूल और घी का