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मंत्र · श्री कृष्ण

यमराज के चौदह नाम

4 पंक्तियाँ · बोलने में लगभग 1 मिनट · The Yama tarpan of the Skanda Purana, Kartik Mahatmya, as Gita Press prints it

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श्री कृष्ण

श्री कृष्ण

बांसुरी, माखन, गीता

यमाय धर्मराजाय मृत्यवे चान्तकाय च।

yamāya dharmarājāya mr̥tyave cāntakāya ca.

यम को, धर्मराज को, मृत्यु को और अंतक को;

वैवस्वताय कालाय सर्वभूतक्षयाय च॥

vaivasvatāya kālāya sarvabhūtakṣayāya ca.

वैवस्वत को, काल को, और सब प्राणियों का अंत करने वाले सर्वभूतक्षय को;

औदुम्बराय दध्नाय नीलाय परमेष्ठिने।

audumbarāya dadhnāya nīlāya parameṣṭhine.

औदुम्बर को, दध्न को, नील को, परमेष्ठी को;

वृकोदराय चित्राय चित्रगुप्ताय वै नमः॥

vr̥kodarāya citrāya citraguptāya vai namaḥ.

वृकोदर को, चित्र को और चित्रगुप्त को — नमस्कार।