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स्तोत्र · माँ दुर्गा

देवी सूक्त · या देवी सर्वभूतेषु

30 पंक्तियाँ · बोलने में लगभग 2 मिनट · Devi Mahatmya, chapter 5 (Ya Devi Sarvabhuteshu); BhaktiRas and Green Message

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माँ दुर्गा

माँ दुर्गा

नवरात्रि की देवी

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः ।
नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम् ॥

namo devyai mahadevyai shivayai satatam namah namah prakrityai bhadrayai niyatah pranatah sma tam.

देवी को नमस्कार, महादेवी को नमस्कार, शिवा को सदा नमस्कार। प्रकृति को, भद्रा को नमस्कार — हम संयत होकर उन्हें प्रणाम करते हैं।

रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः ।
ज्योत्स्नायै चेन्दुरूपिण्यै सुखायै सततं नमः ॥

raudrayai namo nityayai gauryai dhatryai namo namah jyotsnayai chendurupinyai sukhayai satatam namah.

रौद्रा को नमस्कार, नित्या को, गौरी को, धात्री को बार-बार नमस्कार; ज्योत्स्ना रूपा, चन्द्ररूपिणी और सुखरूपा देवी को सदा नमस्कार।

कल्याण्यै प्रणतां वृद्ध्यै सिद्ध्यै कुर्मो नमो नमः ।
नैरृत्यै भूभृतां लक्ष्म्यै शर्वाण्यै ते नमो नमः ॥

kalyanyai pranatamriddhyai siddhyai kurmo namo namah nairrityai bhubhritam lakshmyai sharvanyai te namo namah.

कल्याणी को, प्रणाम करने वालों को ऋद्धि देने वाली को, सिद्धि को हम बार-बार नमस्कार करते हैं; नैर्ऋती को, राजाओं की लक्ष्मी को, शर्वाणी को — आपको बार-बार नमस्कार।

दुर्गायै दुर्गपारायै सारायै सर्वकारिण्यै ।
ख्यात्यै तथैव कृष्णायै धूम्रायै सततं नमः ॥

durgayai durgaparayai sarayai sarvakarinyai khyatyai tathaiva krishnayai dhumrayai satatam namah.

दुर्गा को, दुर्गम से पार लगाने वाली को, सार रूपा और सब कुछ करने वाली को; ख्याति को, कृष्णा को और धूम्रा को सदा नमस्कार।

अतिसौम्यातिरौद्रायै नतास्तस्यै नमो नमः ।
नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै कृत्यै नमो नमः ॥

atisaumyatiraudrayai natastasyai namo namah namo jagatpratishthayai devyai krityai namo namah.

जो अति सौम्य और अति रौद्र हैं, उन्हें हम प्रणाम करते हैं, बार-बार नमस्कार। जगत की आधार देवी को, कृति रूपा देवी को बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu vishnumayeti shabdita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में विष्णुमाया कहलाती हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu chetanetyabhidhiyate namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में चेतना कहलाती हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu buddhirupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में बुद्धि रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu nidrarupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में निद्रा रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu kshudharupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में क्षुधा (भूख) रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu chhayarupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में छाया रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu shaktirupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में शक्ति रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu trishnarupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में तृष्णा रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu kshantirupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में क्षान्ति (क्षमा) रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu jatirupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में जाति रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu lajjarupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में लज्जा रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu shantirupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में शान्ति रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu shraddharupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में श्रद्धा रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu kantirupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में कान्ति रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

ya devi sarvabhuteshu lakshmirupena samsthita namastasyai namastasyai namastasyai namo namah.

जो देवी सब प्राणियों में लक्ष्मी रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

Yaa Devii Sarva-Bhuutessu Vrtti-Ruupenna Samsthitaa | Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||21||

जो देवी सब प्राणियों में वृत्ति रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

Yaa Devii Sarva-Bhuutessu Smrti-Ruupenna Samsthitaa | Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||22||

जो देवी सब प्राणियों में स्मृति रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

Yaa Devii Sarva-Bhuutessu Dayaa-Ruupenna Samsthitaa | Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||23||

जो देवी सब प्राणियों में दया रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

Yaa Devii Sarva-Bhuutessu Tusstti-Ruupenna Samsthitaa | Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah ||24||

जो देवी सब प्राणियों में तुष्टि रूप से स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार — बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

yā devī sarvabhūteṣu mātr̥rūpeṇa saṁsthitā . namastasyai namastasyai namastasyai namo namaḥ .

जो देवी सब प्राणियों में माता के रूप में स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, उन्हें नमस्कार, उन्हें बार-बार नमस्कार।

या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

yā devī sarvabhūteṣu bhrāntirūpeṇa saṁsthitā . namastasyai namastasyai namastasyai namo namaḥ .

जो देवी सब प्राणियों में भ्रान्ति के रूप में भी स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, उन्हें नमस्कार, उन्हें बार-बार नमस्कार।

इन्द्रियाणामधिष्ठात्री भूतानां चाखिलेषु या ।
भूतेषु सततं तस्यै व्याप्तिदेव्यै नमो नमः ॥

indriyāṇāmadhiṣṭhātrī bhūtānāṁ cākhileṣu yā . bhūteṣu satataṁ tasyai vyāptidevyai namo namaḥ .

जो सब प्राणियों की इन्द्रियों की और समस्त भूतों की अधिष्ठात्री हैं और सब प्राणियों में सदा व्याप्त हैं, उन व्याप्ति-देवी को बार-बार नमस्कार।

चितिरूपेण या कृत्स्नमेतद्व्याप्य स्थिता जगत् ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

citirūpeṇa yā kr̥tsnametadvyāpya sthitā jagat . namastasyai namastasyai namastasyai namo namaḥ .

जो चेतना के रूप में इस सम्पूर्ण जगत् को व्याप्त करके स्थित हैं, उन्हें नमस्कार, उन्हें नमस्कार, उन्हें बार-बार नमस्कार।

स्तुता सुरैः पूर्वमभीष्टसंश्रयात्तथा सुरेन्द्रेण दिनेषु सेविता ।
करोतु सा नः शुभहेतुरीश्वरी शुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापदः ॥

stutā suraiḥ pūrvamabhīṣṭasaṁśrayāttathā surendreṇa dineṣu sevitā . karotu sā naḥ śubhaheturīśvarī śubhāni bhadrāṇyabhihantu cāpadaḥ .

पूर्वकाल में अपने अभीष्ट की प्राप्ति के लिए देवताओं ने जिनकी स्तुति की और देवराज इन्द्र ने बहुत दिनों तक जिनकी सेवा की, वे कल्याण की हेतु ईश्वरी हमारा शुभ और मंगल करें तथा हमारी आपदाओं का नाश करें।

या साम्प्रतं चोद्धतदैत्यतापितैरस्माभिरीशा च सुरैर्नमस्यते ।
या च स्मृता तत्क्षणमेव हन्ति नः सर्वापदो भक्तिविनम्रमूर्तिभिः ॥

yā sāmprataṁ coddhatadaityatāpitairasmābhirīśā ca surairnamasyate . yā ca smr̥tā tatkṣaṇameva hanti naḥ sarvāpado bhaktivinamramūrtibhiḥ .

उद्दण्ड दैत्यों से सताए हुए हम देवता इस समय जिन परमेश्वरी को नमस्कार करते हैं, और भक्ति से विनम्र होकर स्मरण करते ही जो उसी क्षण हमारी सब आपदाओं का नाश कर देती हैं।

इन दिनों पर