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आरती · माँ दुर्गा

जय अम्बे गौरी

26 पंक्तियाँ · बोलने में लगभग 3 मिनट · Traditional Devi aarti

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माँ दुर्गा

माँ दुर्गा

नवरात्रि की देवी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

jaya ambe gaurī, maiyā jaya śyāmā gaurī.

हे अम्बे गौरी, आपकी जय हो; हे मैया श्यामा गौरी, आपकी जय हो।

तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

tumako niśidina dhyāvata, hari brahmā śivarī.

हरि, ब्रह्मा और शिव जी रात-दिन आपका ध्यान करते हैं।

माँग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।

māṅga sindūra virājata, ṭīko mr̥gamada ko.

आपकी माँग में सिंदूर और माथे पर कस्तूरी का टीका शोभित है।

उज्ज्वल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको॥

ujjvala se dou nainā, candravadana nīko.

आपके दोनों नेत्र उज्ज्वल हैं और मुख चंद्रमा-सा सुंदर है।

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।

kanaka samāna kalevara, raktāmbara rājai.

आपका शरीर सोने-सा है और लाल वस्त्र सुशोभित है।

रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥

raktapuṣpa gala mālā, kaṇṭhana para sājai.

आपके गले में लाल फूलों की माला सजी है।

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।

kehari vāhana rājata, khaḍga khappara dhārī.

आप सिंह पर विराजती हैं और हाथ में खड्ग और खप्पर धारण करती हैं।

सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुःखहारी॥

sura-nara munijana sevata, tinake duḥkhahārī.

देवता, मनुष्य और मुनि आपकी सेवा करते हैं; आप उनके दुःख हरती हैं।

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।

kānana kuṇḍala śobhita, nāsāgre motī.

आपके कानों में कुंडल और नाक में मोती शोभित है।

कोटिक चन्द्र दिवाकर, राजत सम ज्योति॥

koṭika candra divākara, rājata sama jyoti.

आपकी ज्योति करोड़ों चंद्रमाओं और सूर्यों के समान है।

शुम्भ-निशुम्भ बिडारे, महिषासुर घाती।

śumbha-niśumbha biḍāre, mahiṣāsura ghātī.

आपने शुम्भ-निशुम्भ का नाश किया और महिषासुर का वध किया।

धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥

dhūmra vilocana nainā, niśidina madamātī.

आपने नेत्रों से ही धूम्रलोचन का अंत किया; आप रात-दिन दिव्य आनंद में मग्न रहती हैं।

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।

caṇḍa-muṇḍa saṁhāre, śoṇita bīja hare.

आपने चण्ड-मुण्ड का संहार किया और रक्तबीज का अंत किया।

मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥

madhu-kaiṭabha dou māre, sura bhayahīna kare.

आपने मधु और कैटभ दोनों का वध किया और देवताओं को निर्भय किया।

ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी।

brahmāṇī rudrāṇī tuma kamalā rānī.

आप ही ब्रह्माणी, रुद्राणी और कमला रानी हैं।

आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥

āgama nigama bakhānī, tuma śiva paṭarānī.

आगम और निगम आपका बखान करते हैं; आप शिव जी की पटरानी हैं।

चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरूँ।

cauṁsaṭha yoginī maṅgala gāvata, nr̥tya karata bhairūṁ.

चौंसठ योगिनियाँ मंगल गीत गाती हैं और भैरव नृत्य करते हैं।

बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरू॥

bājata tāla mr̥daṅgā, aru bājata ḍamarū.

ताल, मृदंग और डमरू बजते हैं।

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।

tuma hī jaga kī mātā, tuma hī ho bhartā.

आप ही जगत की माता हैं और आप ही उसका पालन करती हैं।

भक्तन की दुःख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥

bhaktana kī duḥkha hartā, sukha sampatti kartā.

आप भक्तों का दुःख हरती हैं और उन्हें सुख-संपत्ति देती हैं।

भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी।

bhujā cāra ati śobhita, vara mudrā dhārī.

आपकी चारों भुजाएँ अति सुशोभित हैं, और एक हाथ वरद मुद्रा में है।

मनवांछित फल पावत, सेवत नर-नारी॥

manavāñchita phala pāvata, sevata nara-nārī.

आपकी सेवा करने वाले नर-नारी मनचाहा फल पाते हैं।

कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।

kañcana thāla virājata, agara kapūra bātī.

सोने के थाल में अगर और कपूर की बाती सजी है।

श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥

śrī mālaketu meṁ rājata, koṭi ratana jyoti.

आप श्री मालकेतु में विराजती हैं, करोड़ों रत्नों-सी ज्योति के साथ।

श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।

śrī ambejī kī āratī, jo koī nara gāvai.

श्री अम्बे जी की आरती जो कोई गाता है,

कहत शिवानन्द स्वामी, सुख-सम्पत्ति पावै॥

kahata śivānanda svāmī, sukha-sampatti pāvai.

शिवानंद स्वामी कहते हैं, सुख-संपत्ति पाता है।