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आरती · माँ दुर्गा

आरती श्री शाकम्भरी देवी जी की

10 पंक्तियाँ · 51 Chalisa Sangraha evam Aartiyan (Randhir Prakashan, Haridwar), book p277

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माँ दुर्गा

माँ दुर्गा

नवरात्रि की देवी

हरि ॐ श्री शाकम्भर अम्बा जी की आरती कीजो।

ऐसो अद्भुत रूप हृदय धर लीजो, शताक्षी दयालु की आरती कीजो।

तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ, सब घट तुम आप बखानी माँ।

शाकम्भर अम्बा जी की आरती कीजो।

तुम्हीं हो शाकम्भरी, तुम ही हो शताक्षी माँ,

शिव मूर्ति माया, तुम ही हो प्रकाशी माँ॥

नित जो नर-नारी अम्बे आरती गावे माँ,

इच्छा पूरण कीजो, शाकम्भरी दर्शन पावे माँ॥

जो नर आरती पढ़े पढ़ावे माँ, जो नर आरती सुने सुनावे माँ।

बसे बैकुण्ठ शाकम्भर दर्शन पावे॥