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श्लोक · विष्णु जी

प्रबोधन का श्लोक

2 पंक्तियाँ · बोलने में लगभग 1 मिनट · Skanda Purana, Kartik Mahatmya (Gita Press): the waking verse

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विष्णु जी

विष्णु जी

पालनहार; एकादशी इन्हीं की है

उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविन्द उत्तिष्ठ गरुडध्वज ।

uttiṣṭhottiṣṭha govinda uttiṣṭha garuḍadhvaja .

उठिए, उठिए, हे गोविन्द; उठिए, हे गरुड़ध्वज।

उत्तिष्ठ कमलाकान्त त्रैलोक्यं मङ्गलं कुरु ॥

uttiṣṭha kamalākānta trailokyaṁ maṅgalaṁ kuru .

उठिए, हे कमलाकान्त, और तीनों लोकों का मंगल कीजिए।