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श्लोक · श्री राम

पहला श्लोक

2 पंक्तियाँ · बोलने में लगभग 1 मिनट · Valmiki Ramayana, Bala Kanda 1.2.15, as valmikiramayan.net and sa.wikisource print it

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श्री राम

श्री राम

धर्म का साक्षात रूप

मा निषाद प्रतिष्ठां त्वमगमः शाश्वतीः समाः ।

mā niṣāda pratiṣṭhāṁ tvamagamaḥ śāśvatīḥ samāḥ .

हे निषाद, तुम्हें अनंत वर्षों तक प्रतिष्ठा न मिले,

यत् क्रौञ्चमिथुनादेकमवधीः काममोहितम् ॥

yat krauñcamithunādekamavadhīḥ kāmamohitam .

क्योंकि तुमने काम में मग्न क्रौंच के जोड़े में से एक को मार डाला।