यन्मूले सर्वतीर्थानि यन्मध्ये सर्वदेवताः।
जिसकी जड़ में सब तीर्थ हैं, जिसके मध्य में सब देवता,
यदग्रे सर्ववेदाश्च तुलसि त्वां नमाम्यहम्॥
और जिसके अग्रभाग में सब वेद — हे तुलसी, तुम्हें प्रणाम।
यन्मूले सर्वतीर्थानि यन्मध्ये सर्वदेवताः।
जिसकी जड़ में सब तीर्थ हैं, जिसके मध्य में सब देवता,
यदग्रे सर्ववेदाश्च तुलसि त्वां नमाम्यहम्॥
और जिसके अग्रभाग में सब वेद — हे तुलसी, तुम्हें प्रणाम।