एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते ।
हे सूर्य देव, आइए — सहस्र किरणोंवाले, तेज के भंडार, जगत के स्वामी —
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर ॥
मुझ पर कृपा कीजिए, हे दिवाकर, और भक्ति से दिया यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए।
एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते ।
हे सूर्य देव, आइए — सहस्र किरणोंवाले, तेज के भंडार, जगत के स्वामी —
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर ॥
मुझ पर कृपा कीजिए, हे दिवाकर, और भक्ति से दिया यह अर्घ्य स्वीकार कीजिए।