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कार्तिक सोमवार · पूजा विधि

घर पर कार्तिक सोमवार की पूजा कैसे करें

कार्तिक के सोमवार, शिव जी के लिए, तारे निकलने तक। लगभग 40 मिनट।

यहाँ हर चरण का नाम है और पहले 3 चरण पूरे हैं। पूरी पूजा, हर मंत्र अर्थ सहित, कलावा ऐप में है।

सब उपचारों और एक सौ आठ नामों के साथ सुबह की पूजा, कार्तिक पुराण, तिल का दान, प्रदोष में फिर अभिषेक, और तारे दिखने के बाद भोजन।

कार्तिक सोमवार

सूर्योदय से पहले

सुबह 6:08–सुबह 7:54 · कोलंबस

कार्तिक स्नान, फिर पूजा: अभिषेक, बिल्व पत्र, नैवेद्य, कर्पूर, और कार्तिक पुराण का अध्याय।

  1. सूर्योदय से पहले

    कार्तिक स्नान

    1. सूर्योदय से पहले उठकर ठंडे जल से स्नान कीजिए — जहाँ नदी या तालाब हो वहाँ उसमें; घर पर, नहाने के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर।
    2. स्वच्छ वस्त्र पहनिए।
    3. पूजा का स्थान स्वच्छ कीजिए, और शिवलिंग, या शिव जी और पार्वती माँ का चित्र, एक चौकी पर विराजमान कीजिए, शिवलिंग के नीचे ताँबे की थाली रखिए।

    कार्तिक का स्नान इस मास का पहला कर्म है; सोमवार को व्रत इसी से आरंभ होता है।

    कार्तिक स्नान
  2. सूर्योदय से पहले

    दीपक

    1. शिव जी के सामने गाय के घी का, या तिल के तेल का दीपक जलाइए।
    2. एक दूसरा दीपक तुलसी के पास जलाइए।
    3. हाथ जोड़कर श्लोक कहिए।
    दीप मंत्र · 2 पंक्तियाँ
    दीपज्योतिः परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः।दीप की ज्योति परब्रह्म है, दीप की ज्योति जनार्दन है।
    दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥दीपक मेरे पाप हर ले। हे दीपज्योति, आपको नमस्कार।
    दीपक
  3. सूर्योदय से पहले

    आचमन

    1. चम्मच से लोटे का थोड़ा जल दाहिनी हथेली में लीजिए।
    2. पहले तीन नामों में से प्रत्येक के साथ एक बार आचमन कीजिए — कुल तीन बार।
    3. चौथे नाम के साथ दाहिने हाथ पर थोड़ा जल डालकर हाथ धो लीजिए।
    आचमन और पवित्रीकरण · 6 पंक्तियाँ
    ॐ केशवाय नमः।ॐ केशव को नमस्कार। (पहला आचमन)
    ॐ नारायणाय नमः।ॐ नारायण को नमस्कार। (दूसरा आचमन)
    ॐ माधवाय नमः।ॐ माधव को नमस्कार। (तीसरा आचमन)
    ॐ हृषीकेशाय नमः।ॐ हृषीकेश को नमस्कार। (दाहिना हाथ धोइए)
    ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा।पवित्र हो या अपवित्र, किसी भी अवस्था में हो,
    यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥जो कमलनयन भगवान विष्णु का स्मरण करता है, वह भीतर और बाहर से पवित्र हो जाता है।
    आचमन
    1. पहले गणेश जी
    2. संकल्प
    3. ध्यान
    4. आवाहन · शिव जी का आवाहन
    5. आसन और जल
    6. अभिषेक
    7. स्नान अर्पण
    8. वस्त्र
    9. चंदन, अक्षत और विभूति
    10. बिल्व पत्र और फूल
    11. पुष्प अर्पण
    12. एक सौ आठ नाम
    13. धूप और दीप
    14. नैवेद्य
    15. ताम्बूल
    16. कर्पूर आरती
    17. क्षमा प्रार्थना
    18. कार्तिक पुराण
    19. तिल का दान
    20. दिन भर

    ये 20 चरण, चित्रों और मंत्रों सहित, ऐप में हैं

प्रदोष

शाम 6:37–रात 9:16 · कोलंबस

सूर्यास्त से रात के पहले भाग तक: घर में, तुलसी के पास और देहरी पर दीपक, और हो सके तो मंदिर।

    1. स्नान, और दीपक
    2. ॐ नमः शिवाय
    3. फिर अभिषेक
    4. शिव मंदिर में

    ये 4 चरण, चित्रों और मंत्रों सहित, ऐप में हैं

तारों के दर्शन

शाम 7:05 · कोलंबस

तारे निकलने पर: शिव जी को अन्न का नैवेद्य, कर्पूर, और दिन का एक भोजन।

    1. तारों के दर्शन
    2. शिव जी को अन्न
    3. कर्पूर आरती
    4. भोजन

    ये 4 चरण, चित्रों और मंत्रों सहित, ऐप में हैं

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