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बेसतु वरस · नव वर्ष · पूजा विधि
घर पर बेसतु वरस · नव वर्ष की पूजा कैसे करें
गुजराती वर्ष की पहली सुबह: भोर में रंगोली और सबरस, दर्शन, बड़ों का आशीर्वाद और साल मुबारक। लगभग 90 मिनट।
यहाँ हर चरण का नाम है और पहले 3 चरण पूरे हैं। पूरी पूजा, हर मंत्र अर्थ सहित, कलावा ऐप में है।
पूरी सुबह, दर्शन से पहले घर के मंदिर पर दीया, पहले गणेश जी और छोटी पूजा के साथ।

भोर · रंगोली और सबरस
सुबह 6:42 · कोलंबसजल्दी उठकर: घर की सफ़ाई, द्वार पर रंगोली, सबरस, स्नान और नए कपड़े।
भोर
जल्दी उठकर घर की सफ़ाई
- उजाला होने से पहले जल्दी उठिए।
- घर और देहरी बुहारकर साफ़ कीजिए।

भोर
द्वार पर रंगोली
- द्वार के सामने की भूमि पोंछिए।
- वर्ष के स्वागत में वहाँ कई रंगों की रंगोली बनाइए।

भोर
सबरस
- पहली रोशनी में सबरस — नमक के डले — लीजिए, जैसे ही वह द्वार पर आए।
- उसे वर्ष के पहले शगुन के रूप में घर में रखिए।
सबरस का अर्थ है 'सब एक रस'। गुजराती घरों में कहा जाता है कि श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी जी से कहा था कि वे उन्हें नमक जितनी प्रिय हैं; रूठकर उन्होंने बिना नमक के भोजन से उसका मोल जाना, और द्वारका में नए वर्ष का नमक आरंभ हुआ।

- स्नान और नए कपड़े
यह चरण, चित्रों और मंत्रों सहित, ऐप में हैं
सुबह · दर्शन और साल मुबारक
सुबह 7:10 · कोलंबसमंदिर में दर्शन, बड़ों का आशीर्वाद, और घर-घर साल मुबारक।
- घर के मंदिर पर दीया
- पहले गणेश जी
- घर के मंदिर में पूजा
- मंदिर में दर्शन
- बड़ों का आशीर्वाद
- साल मुबारक
- घर पर मेहमान
ये 7 चरण, चित्रों और मंत्रों सहित, ऐप में हैं